वृषभ लग्न की विशेषता
“वृषविलग्ने शूरः क्लेशसहिष्णुः सुखीरिपुनिहन्ता”
वृषभ राशि भचक्र की दूसरी राशि है, जिसका विस्तार 30 अंश से 60 अंश तक माना गया है। इस राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं। वृषभ राशि के अंतर्गत—
कृतिका नक्षत्र के अंतिम तीन(3) चरण रोहिणी नक्षत्र के चारों चरण (4) मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम दो(2) चरण का समावेश होता है।
वृषभ राशि को वृष, वृषभ, गोपति, ऋषभ तथा अंग्रेज़ी में Taurus कहा जाता है। इसका प्रतीक चिन्ह बैल (Bull) है, जो भारतीय और पाश्चात्य दोनों ज्योतिष पद्धतियों में समान रूप से मान्य है।
वृषभ राशि के जातकों का स्वभाव
वृषभ राशि या लग्न वाले जातक शांत, दृढ़ निश्चयी, धैर्यशील और कर्म प्रधान स्वभाव के होते हैं। ये मेहनती, संगीत और सौंदर्य प्रेमी होते हैं। कभी-कभी जिद्दी या अत्यधिक भौतिकवादी स्वभाव इन्हें चुनौतियों में डाल सकता है। जीवन के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास इनकी पहचान है।शुभ और अशुभ ग्रहइस लग्न के लिए सूर्य, बुध, शुक्र और शनि शुभ ग्रह माने जाते हैं।
जबकि चंद्र, मंगल और गुरु अपेक्षाकृत अशुभ प्रभाव दे सकते हैं।भाग्योदय के वर्ष: 28, 36 और 42 विशेष भाग्यवृद्धि वाले वर्ष माने जाते हैं। यदि 2026 में आपकी आयु इनमें से है, तो यह वर्ष आपके लिए अत्यंत शुभ सिद्ध होगा।
2026 का वार्षिक फलादेशसामान्य प्रभाववर्ष 2026 वृषभ राशि के लिए कर्मप्रधान और परिवर्तनकारी वर्ष होगा।स्वास्थ्य: छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी बीमारियों का कारण बन सकती हैं। नियमित जांच और संयम जरूरी रहेगा।
आर्थिक स्थिति:
आय में वृद्धि के नए अवसर उभरेंगे, मगर विलासिता और अनावश्यक खर्चों से बचना होगा।परिवार: पति-पत्नी दोनों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। संतान को सही मार्गदर्शन दें ताकि कोई गलत कदम न उठाए।कैरियर: कार्यक्षेत्र में कई अवसर मिलेंगे, लेकिन निर्णय जल्दबाजी में न लें। भाग्य साथ देगा, पर सफलता धीरे-धीरे मिलेगी।महिलाएँ: स्त्री रोग, हार्मोनल असंतुलन और पाचन संबंधी समस्याओं के प्रति सावधानी रखें।विद्यार्थी: शिक्षा क्षेत्र में प्रगति होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग बन रहे हैं।
ग्रह स्थिति 2026शनि (योगकारक ग्रह)
वर्षभर आपकी राशि पर दृष्टि बनाए रखेंगे। यह मिश्रित प्रभाव देगा — मेहनत के बाद सफलता सुनिश्चित होगी।1 मार्च से 25 मार्च: शुक्र-शनि की युति से “महालक्ष्मी योग” बनेगा। यह गोल्डन पीरियड रहेगा — आर्थिक उन्नति, निवेश और प्रॉपर्टी लाभ की संभावनाएँ बनेंगी।
19 अप्रैल से 14 मई:
शुक्र अपनी स्वयं की राशि में रहेंगे — वैवाहिक और वित्तीय मामलों में उन्नति होगी।
15 मई से 14 जून:
सूर्य वृषभ में रहेंगे — क्रोध और अहंकार से बचें।
20 जून से 2 अगस्त:
मंगल के प्रभाव से मानसिक तनाव बढ़ सकता है, संयम बनाए रखें।
1 अगस्त से 2 सितंबर एवं 5 नवंबर से 22 नवंबर:
शुक्र की नीच स्थिति — प्रेम संबंधों, संतान और शिक्षा संबंधी विषयों में सावधानी रखें।
वृषभ राशि 2026 के विशेष उपायकाले रंग की वस्तुओं का उपयोग वर्षभर न करें।यदि आपकी कुंडली में शनि मजबूत हों, तो नीलम धारण करें; शुक्र शुभ हो तो हीरा या फायर ओपल पहन सकते हैं। (रत्न धारण करने से पूर्व ज्योतिषीय सलाह अवश्य लें।)प्रत्येक शनिवार को लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरकर अपना चेहरा देखें और “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः” मंत्र का जाप कर छाया पात्र का दान करें।प्रत्येक शुक्रवार को श्री सूक्तम का पाठ करें, जिससे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनी रहे।
समापनवर्ष
2026 वृषभ राशि के जातकों के लिए कठिन परंतु लाभकारी वर्ष रहेगा। मेहनत, संयम और सकारात्मक दृष्टिकोण से आप अपने जीवन के कई क्षेत्रों में ऊँचाई प्राप्त करेंगे।
ईश्वर से प्रार्थना है कि वर्ष 2026 वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगलकारी, समृद्धि एवं उन्नति से परिपूर्ण रहे।
— ज्योतिष दैवज्ञ
आचार्य पंकज शास्त्री

