धनु राशि वार्षिक राशिफल 2026 | Dhanu Rashifal 2026

धनुर्लग्न समुत्पन्नो नीतिमान् धनवान् सुधीः।
अर्थात धनु लग्न में जन्मे जातक नीतिवान, बुद्धिमान, धनवान और विवेकशील होते हैं।
(Dhanu rashi Introduction)
प्रिय पाठकों नमस्कार,
आज के इस ब्लॉग में हम विस्तार से चर्चा करेंगे धनु राशि के वार्षिक राशिफल 2026 के बारे में। वर्ष 2026 धनु राशि के जातकों के लिए कैसा रहेगा, कौन-सी परिस्थितियाँ आपके पक्ष में होंगी और किन स्थितियों में आपको सावधानी बरतनी होगी—इन सभी विषयों पर यहाँ क्रमबद्ध और स्पष्ट जानकारी दी जा रही है।

धनु राशि का परिचय

धनु लग्न अथवा धनु राशि राशिचक्र की नवम राशि है।
राशि विस्तार: 240° से 270° अंश राशि स्वामी: देवगुरु बृहस्पति
नक्षत्र: मूल नक्षत्र (4 चरण) पूर्वाषाढ़ा (4 चरण) उत्तराषाढ़ा का अंतिम (1 चरण) धनु राशि को संस्कृत में धनुष्क तथा अंग्रेज़ी में Sagittarius कहा जाता है। आकाश मंडल में इसका चिन्ह धनुर्धारी (तीर-धनुष) के रूप में दिखाई देता है।
धनु राशि द्विस्वभावि राशि है। और धनु राशि के स्वामी ग्रह बृहस्पति ग्रह है। इस राशि में जन्मे जातक स्वभाव से सरल, धार्मिक, उदार, परोपकारी और करुणामय होते हैं। ये अत्यंत बुद्धिमान होते हुए भी कई बार शर्मीले और कन्फ्यूजन में रहने वाले होते हैं। दूसरों की मानसिक स्थिति को समझने की इनमें विशेष क्षमता होती है।

धनु राशि भाग्योदय वर्ष (Sagittarius Lucky Age Period)

यदि आपकी आयु वर्ष 2026 में 32, 36, 37, 39, 41 या 45 वर्ष की है, तो यह वर्ष आपके लिए विशेष भाग्यवर्धक सिद्ध हो सकता है। इस अवधि में आपके लंबे समय से देखे गए सपने साकार होने की प्रबल संभावना है।
धनु राशि सामान्य राशिफल 2026। वर्ष 2026 धनु राशि के जातकों के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा।

Dhanu rashi 2026 health – स्वास्थ्य:

शारीरिक समस्या से अधिक मानसिक तनाव, ओवरथिंकिंग, गुप्त चिंताएँ और मन का भटकाव देखने को मिल सकता है। छोटे-छोटे विकार परेशान कर सकते हैं।

कार्य एवं करियर:

काम में मन न लगना, छोटे कार्यों में अधिक समय लगना और कार्यक्षमता में कमी संभव है। समय की बर्बादी से बचना आवश्यक होगा।

धन:

आर्थिक स्थिति कुल मिलाकर अनुकूल रहेगी। आय के अनेक स्रोत बने रहेंगे।

परिवार एवं दांपत्य:

दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। परिवार का सहयोग मानसिक शांति देगा।

व्यवसाय:

व्यापार में उतार-चढ़ाव रहेगा। कभी-कभार अपेक्षा से अधिक नुकसान हो सकता है। अच्छे अवसर मिलने पर भी निर्णय में चूक संभव है। सरकारी कार्यों में बाधा के योग बन रहे हैं।

महिलाओं एवं विवाह:

स्त्रियों के लिए वर्ष अपेक्षाकृत सुखद है। अविवाहित जातकों के लिए विवाह के योग बनते हुए दिखाई देते हैं।

राजपक्ष एवं शिक्षा:

राजकीय पक्ष से थोड़ी प्रतिकूलता रहेगी, लेकिन विद्यार्थी वर्ग के लिए वर्ष लाभदायक सिद्ध होगा।

मुख्य ग्रहों की स्थिति 2026

पूरे वर्ष धनु राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा।
नौकरी और व्यवसाय में स्थिरता की कमी रहेगी।
भूमि, भवन और प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से दूरी बनाए रखें।
माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
कर्ज के लेन-देन से बचें, विशेषकर कर्ज देने से।

गुरु बृहस्पति का प्रभाव

1 जून 2026 तक:
देवगुरु बृहस्पति की शुभ दृष्टि के कारण विपरीत परिस्थितियों में भी कार्यों में सुधार होगा।
1 जून से 31 अक्टूबर 2026:
गुरु उच्च राशि में होकर अष्टम भाव में रहेंगे, जिससे संघर्षपूर्ण स्थितियाँ बन सकती हैं।
शोध, गुप्त विद्या, साइंस, रिसर्च से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा।
सामान्य जातकों को पेट, लिवर और खान-पान से जुड़ी समस्याओं का ध्यान रखना होगा।
31 अक्टूबर 2026 के बाद:
गुरु का भाग्य भाव में प्रवेश होगा, जिससे भाग्य का सहयोग मिलेगा, धार्मिक रुचि बढ़ेगी, माता-पिता से सहयोग प्राप्त होगा और कार्यों में निर्भयता आएगी।

विशेष सावधानियाँ

नए व्यवसाय या पार्टनरशिप में धोखे की संभावना है।
आय बढ़ाने के लिए शॉर्टकट तरीके अपनाने से नुकसान हो सकता है।
लोहे से संबंधित कार्यों में विशेष सावधानी रखें।

विवाह एवं दांपत्य जीवन

पूरे वर्ष वैवाहिक जीवन सामान्य से अच्छा रहेगा। विवाह योग्य जातकों के लिए वर्ष अनुकूल है।
1 जून 2026 तक परिस्थितियाँ आपके नियंत्रण में रहेंगी।

Dhanu Rashi 2026 (Remedies)

पूरे वर्ष देवगुरु बृहस्पति का नियमित पूजन करें।
पुखराज रत्न धारण करना लाभकारी रहेगा।
16 गुरुवार का व्रत अवश्य करें।
16 गुरुवार को छोटी कन्याओं को केला और बेसन की बर्फी का वितरण करें।
केले के वृक्ष का पूजन शुभ फल देगा।

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