“कुंभ लग्ने नरो जातः स्थिरचित्तोऽतिसौहृदः।”
अर्थात कुंभ लग्न में जन्मा व्यक्ति स्थिर चित्त वाला, मित्रवत स्वभाव का और समाज के प्रति सहृदय होता है।
प्रिय पाठको,
राधे-राधे 🙏 | हर-हर महादेव 🔱
आज के इस विशेष ब्लॉग में हम चर्चा करेंगे कुंभ राशि के जातक-जातिकाओं के लिए वर्ष 2026 कैसा रहने वाला है, साथ ही कुंभ राशि की मूल प्रवृत्तियों और विशेषताओं को भी विस्तार से समझेंगे।
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कुंभ राशि का सामान्य परिचय
कुंभ राशि राशिचक्र की 11वीं राशि है। इसका विस्तार 300° से 330° अंश तक माना जाता है।
कुंभ राशि का चिन्ह घड़ा (कलश) है, जो आकाश मंडल में जल धारण करते हुए दिखाई देता है। इसी कारण कुंभ राशि का स्मरण होते ही मन में घड़े की आकृति स्वतः उभर आती है।
कुंभ राशि के स्वामी ग्रह शनि देव हैं। शनि की दो राशियाँ मानी जाती हैं—मकर और कुंभ।
कुंभ राशि के अंतर्गत निम्न नक्षत्र चरण आते हैं:
धनिष्ठा – अंतिम दो चरण
शतभिषा – चारों चरण
पूर्वाभाद्रपद – प्रथम तीन चरण
कुंभ राशि एक स्थिर राशि है, जो स्थायित्व और दृढ़ता का प्रतीक है।
कुंभ राशि के जातकों की विशेषताएँ
कुंभ राशि में जन्मे जातक सामान्यतः:
स्थिर बुद्धि और स्पष्ट विचारों वाले होते हैं
मित्रता निभाने में कुशल होते हैं
सामाजिक और सौम्य स्वभाव रखते हैं
कोमल एवं आकर्षक व्यक्तित्व के धनी होते हैं
शारीरिक रूप से सामान्यतः स्वस्थ रहते हैं
जहाँ मकर राशि का जातक हार्ड वर्क पर अधिक विश्वास करता है, वहीं कुंभ राशि के जातक स्मार्ट वर्क को प्राथमिकता देते हैं। कम परिश्रम में अधिक परिणाम प्राप्त करना इनकी विशेषता होती है।
वर्ष 2026 : कुंभ राशि का वार्षिक राशिफल
यदि आपकी जन्मतिथि वर्ष 2026 में 28, 33, 36, 38, 42 या 48 की उम्र के भीतर आती है, तो यह वर्ष आपके लिए विशेष रूप से अनुकूल सिद्ध हो सकता है।
इस वर्ष आपके कई अधूरे सपने साकार होने की प्रबल संभावनाएँ बन रही हैं।
हालाँकि कुंभ राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। ढैय्या का प्रभाव कुछ मानसिक दबाव अवश्य देगा, किंतु चूँकि यह अंतिम चरण में है, इसलिए लाभकारी परिणाम अधिक प्राप्त होंगे।
2026 का सामान्य फलादेश
यह वर्ष नए अवसरों और नई शुरुआतों का संकेत देता है
आपके भीतर कार्य करने की नई ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण रहेगा
उतार-चढ़ाव आएंगे, लेकिन उनसे सीखकर आप आगे बढ़ेंगे
स्वास्थ्य में सुधार के योग बनेंगे, फिर भी लापरवाही से बचें
पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा, कुटुंब का सहयोग प्राप्त होगा
आर्थिक स्थिति वर्षभर मजबूत बनी रहेगी
आय के स्रोतों में नवीनता आएगी
दांपत्य जीवन सामान्यतः सुखद रहेगा, किंतु वर्ष के उत्तरार्ध में जीवनसाथी के स्वास्थ्य या मानसिक तनाव को लेकर सावधानी आवश्यक है
विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष प्रगति देने वाला रहेगा
ग्रहों की प्रमुख स्थितियाँ (2026)
शनि देव पूरे वर्ष लगभग आपके द्वितीय भाव में स्थित रहेंगे
धन, परिवार और कुटुंब सुख में वृद्धि होगी
साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा, परंतु यह चरण अपेक्षाकृत अनुकूल रहेगा
राहु – वर्षारंभ से 5 दिसंबर तक लग्न में
चिड़चिड़ापन, मानसिक अशांति संभव
केतु – सप्तम भाव में
वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव संभव
1 जून तक
लव लाइफ मजबूत
लव मैरिज के प्रबल योग (देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव से)
1 जून से 31 अक्टूबर
पुराने कर्ज समाप्त होने के योग
आर्थिक राहत का समय
13 फरवरी से 14 मार्च
सूर्य का गोचर कुंभ राशि में
माता-पिता से मतभेद की संभावना
23 फरवरी से 2 अप्रैल
मंगल का गोचर
स्वभाव में उग्रता, जल्दबाजी से बचें
17 अगस्त तक
घरेलू तनाव और मानसिक उलझनें
वैराग्य भाव उत्पन्न हो सकता है
31 अक्टूबर के बाद
देवगुरु बृहस्पति का राशि परिवर्तन
सप्तम भाव में प्रवेश से वैवाहिक सुख
तीर्थ यात्रा या मांगलिक कार्य के योग
5 दिसंबर के बाद
राहु का प्रभाव समाप्त
परिस्थितियों में स्पष्ट सुधार
कुंभ राशि के लिए विशेष उपाय (2026)
पूरे वर्ष राहु शांति का उपाय अवश्य करें।
📿 राहु मंत्र
“ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः”
— प्रतिदिन या शनिवार को जाप करना अत्यंत लाभकारी रहेगा।
दान-पुण्य उपाय:
जन्मदिन और शनिवार को
नेत्र रोग से पीड़ित गरीब व्यक्तियों की सहायता
दवाइयाँ, अनाज एवं वस्त्र दान करना शुभ फल देगा
🙏 अंत में यही कामना है कि वर्ष 2026 आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लेकर आए।
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राधे-राधे | हर-हर महादेव 🔱

