मैं पंडित पंकज शास्त्री हूँ और विभिन्न धार्मिक पूजा-पाठ और संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ करवाता हूँ। यदि आप अपने घर, मंदिर या किसी पवित्र स्थान पर मुंडन संस्कार या अन्य पूजा करवाना चाहते हैं, तो आप सीधे मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
मैं निम्न पूजा और संस्कार करवाता हूँ:
✔ मुंडन संस्कार ✔ गृह प्रवेश पूजा ✔ सत्यनारायण कथा ✔ विवाह / शादी संस्कार ✔ नामकरण संस्कार ✔ हवन और यज्ञ ✔ नवग्रह शांति पूजा ✔ रुद्राभिषेक पूजा ✔ वास्तु पूजा ✔ जन्मदिन और विशेष पूजा
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नवरात्रि में मुंडन मुहूर्त 2026 – पूरी जानकारी
नवरात्रि में मुंडन मुहूर्त 2026 की जानकारी हर साल हजारों लोग खोजते हैं। हिंदू धर्म में मुंडन संस्कार (चूड़ाकर्म) 16 संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। यदि यह संस्कार नवरात्रि जैसे पवित्र समय में किया जाए तो इसका फल अत्यंत शुभ माना जाता है।
Navratri 2026 कब है?
साल 2026 में नवरात्रि दो बार आएगी:
चैत्र नवरात्रि 2026
मार्च–अप्रैल 2026 (तिथियाँ पंचांग अनुसार)
शारदीय नवरात्रि 2026
सितंबर–अक्टूबर 2026 (तिथियाँ पंचांग अनुसार)
नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है।
मुंडन संस्कार क्या है?
मुंडन संस्कार को चूड़ाकर्म संस्कार भी कहा जाता है। यह बच्चे के जन्म के बाद किया जाने वाला महत्वपूर्ण धार्मिक संस्कार है।
मुंडन कराने के लाभ:
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नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
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मानसिक और शारीरिक विकास
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बुद्धि और तेज में वृद्धि
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देवी-देवताओं की कृपा
क्या नवरात्रि में मुंडन करना शुभ है?
हाँ, नवरात्रि में मुंडन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
क्योंकि यह समय देवी शक्ति की आराधना का होता है और इस दौरान किए गए धार्मिक कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।
विशेष शुभ तिथियाँ:
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पंचमी
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सप्तमी
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अष्टमी
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नवमी
नवरात्रि में मुंडन मुहूर्त 2026
नवरात्रि में मुंडन मुहूर्त 2026 कब है?
सटीक मुहूर्त के लिए पंचांग देखना आवश्यक है। मुहूर्त निकालते समय इन बातों का ध्यान रखा जाता है:
✔ शुभ नक्षत्र – रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य
✔ शुभ तिथि – द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी
✔ राहुकाल से बचाव
✔ बच्चे की जन्म कुंडली
📌 सही और सटीक मुहूर्त के लिए हमसे परामर्श अवश्य लें।
नवरात्रि में मुंडन की विधि
1️⃣ मां दुर्गा की पूजा और स्थापना
2️⃣ बच्चे को नए वस्त्र पहनाना
3️⃣ पंडित द्वारा संकल्प
4️⃣ मुंडन क्रिया
5️⃣ गंगाजल से स्नान
6️⃣ देवी को भोग और दान
कई लोग मुंडन के बाद मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं, जैसे:
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Vaishno Devi Temple
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Kamakhya Temple
नवरात्रि मुंडन का धार्मिक महत्व
नवरात्रि में किया गया मुंडन:
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ग्रह दोष शांत करता है
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बच्चे के जीवन में सुख-समृद्धि लाता है
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देवी कृपा प्राप्त कराता है
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नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है
मुंडन करते समय सावधानियाँ
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राहुकाल में मुंडन न कराएं
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अमावस्या से बचें
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बच्चे का स्वास्थ्य ठीक हो
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शुभ नक्षत्र और तिथि का चयन करें
FAQs – नवरात्रि में मुंडन मुहूर्त 2026
प्रश्न 1: नवरात्रि में मुंडन कब कराना चाहिए?
शुभ तिथि, शुभ नक्षत्र और राहुकाल से बचकर।
प्रश्न 2: क्या अष्टमी को मुंडन हो सकता है?
हाँ, अष्टमी और नवमी दोनों शुभ मानी जाती हैं।
प्रश्न 3: क्या नवरात्रि में मुंडन जरूरी है?
जरूरी नहीं, लेकिन अत्यंत शुभ माना जाता है।
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