दीपावली 2026 लक्ष्मी पूजन शुभ मुहूर्त
दीपावली 2026 का पर्व 08 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन मां महालक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश के पूजन के लिए प्रमुख शुभ समय शाम 05:32 बजे से रात्रि 08:10 बजे तक रहेगा। इस अवधि में प्रदोष काल और स्थिर लग्न का विशेष संयोग होने से लक्ष्मी पूजन का महत्व और बढ़ जाता है।
दीपावली 2026 एक नजर में
| पर्व | तिथि |
|---|---|
| धनतेरस | 06 नवंबर 2026 |
| नरक चतुर्दशी | 07 नवंबर 2026 |
| दीपावली व लक्ष्मी पूजन | 08 नवंबर 2026 |
| गोवर्धन पूजा | 09 नवंबर 2026 |
| भाई दूज | 10 नवंबर 2026 |
दीपावली 2026 का महत्व
दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि सुख, समृद्धि, शुभता, आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का महापर्व है। यह पर्व भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन, अज्ञान पर ज्ञान की विजय और जीवन में प्रकाश के स्वागत का प्रतीक माना जाता है।
दीपावली की रात्रि को मां महालक्ष्मी, भगवान श्रीगणेश और कुबेर देव की पूजा का विशेष विधान है। मान्यता है कि श्रद्धा, स्वच्छता और विधिपूर्वक पूजन से घर-परिवार में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और मंगलकारी ऊर्जा का प्रवेश होता है।
दीपावली 2026 के पंचपर्व और उनका धार्मिक महत्व
1. धनतेरस 2026 (06 नवंबर 2026)
धनतेरस दीपोत्सव का प्रथम एवं अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है, जिन्हें आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस दिन:
- सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है।
- तांबे, पीतल या स्टील के बर्तन खरीदे जाते हैं।
- धन्वंतरि पूजन किया जाता है।
- दीपदान एवं दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है।
- स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की जाती है।
2. नरक चतुर्दशी 2026 (07 नवंबर 2026)
नरक चतुर्दशी को छोटी दीपावली भी कहा जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन:
- प्रातःकाल अभ्यंग स्नान किया जाता है।
- भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया जाता है।
- दीपदान किया जाता है।
- पितरों के निमित्त तर्पण की परंपरा भी प्रचलित है।
- कई क्षेत्रों में हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
इस दिन सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा का पाठ भी शुभ माना जाता है।
3. दीपावली 2026 एवं महालक्ष्मी पूजन (08 नवंबर 2026)
दीपावली पंचपर्वों का सबसे महत्वपूर्ण उत्सव है।
इस दिन घरों, कार्यालयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों में मां महालक्ष्मी एवं भगवान श्रीगणेश का विधिपूर्वक पूजन किया जाता है।
मां लक्ष्मी को धन, वैभव, ऐश्वर्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, जबकि भगवान गणेश शुभारंभ, बुद्धि और विघ्नों के नाशक के रूप में पूजनीय हैं।
इसी कारण दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश का संयुक्त पूजन किया जाता है।
दीपावली 2026 लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
प्रमुख पूजन समय
तिथि: 08 नवंबर 2026
मुख्य लक्ष्मी पूजन अवधि: शाम 05:32 बजे से रात्रि 08:10 बजे तक
विशेष योग: प्रदोष काल एवं स्थिर लग्न का संयोग
यह समय मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन, मंत्र जाप, श्रीसूक्त पाठ तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में खाता पूजन के लिए विशेष रूप से विचारणीय माना गया है।
महत्वपूर्ण सूचना: स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त, पंचांग और शहर के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि अवश्य करें।
प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन क्यों किया जाता है?
ज्योतिष एवं धार्मिक परंपराओं में प्रदोष काल संध्या का अत्यंत शुभ समय माना गया है।
दीपावली की रात्रि में:
- दीप प्रज्ज्वलन
- लक्ष्मी पूजन
- गणेश पूजन
- श्रीसूक्त पाठ
- कुबेर साधना
प्रदोष काल में करना विशेष शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि यह काल देवी-देवताओं की आराधना के लिए अत्यंत अनुकूल होता है।
दीपावली पर स्थिर लग्न का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में लग्न का अत्यंत महत्व माना गया है।
स्थिर लग्न वह लग्न होता है जिसकी प्रकृति स्थायित्व और स्थिरता से जुड़ी मानी जाती है।
दीपावली पर विशेष रूप से:
- वृषभ लग्न
- सिंह लग्न
को महत्वपूर्ण माना जाता है।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार स्थिर लग्न में किया गया लक्ष्मी पूजन धन, व्यापार, संपत्ति और पारिवारिक समृद्धि में स्थायित्व की कामना से जुड़ा होता है।
इसी कारण प्रदोष काल और स्थिर लग्न का संयुक्त संयोग विशेष शुभ माना जाता है।
दीपावली 2026 शुभ चौघड़िया मुहूर्त
सुबह का शुभ समय
08:05 बजे से 12:04 बजे तक क्रमशः चर, लाभ एवं अमृत चौघड़िया
दोपहर का शुभ समय
01:27 बजे से 02:46 बजे तक शुभ चौघड़िया
सायंकालीन शुभ समय
05:32 बजे से रात्रि 10:26 बजे तक क्रमशः शुभ, अमृत एवं चर चौघड़िया
विशेष साधना काल
रात्रि 01:53 बजे से 03:22 बजे तक
यह समय मंत्र-जप, ध्यान, साधना एवं आध्यात्मिक अभ्यास के लिए शुभ माना जाता है।
लक्ष्मी पूजन के लिए आवश्यक सामग्री
- मां लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की प्रतिमा
- कलश
- गंगाजल
- रोली
- अक्षत
- कमलगट्टा
- श्रीयंत्र
- धूप एवं अगरबत्ती
- घी का दीपक
- फूल एवं माला
- नारियल
- मौली
- पंचमेवा
- मिठाई
- फल
- खाता-बही एवं व्यापारिक दस्तावेज
दीपावली 2026 लक्ष्मी पूजन विधि
- घर एवं पूजा स्थल की स्वच्छता करें।
- चौकी पर लाल अथवा पीला वस्त्र बिछाएं।
- भगवान गणेश एवं महालक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
- कलश स्थापना करें।
- दीप प्रज्ज्वलित करें।
- लक्ष्मी-गणेश का विधिवत पूजन करें।
- श्रीसूक्त एवं लक्ष्मी मंत्रों का जप करें।
- खाता-बही और व्यवसायिक दस्तावेजों का पूजन करें।
- आरती करें।
- प्रसाद वितरण कर मंगलकामना करें।
4. गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट (09 नवंबर 2026)
दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा मनाई जाती है।
यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने की स्मृति में मनाया जाता है।
इस दिन:
- गोवर्धन पूजा
- गौ सेवा
- अन्नकूट महोत्सव
- श्रीकृष्ण आराधना
का विशेष महत्व माना जाता है।
यह पर्व प्रकृति, अन्न और गौमाता के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है।
5. भाई दूज 2026 (10 नवंबर 2026)
भाई दूज भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है।
इस दिन:
- बहनें भाइयों को तिलक लगाती हैं।
- भाइयों की दीर्घायु और मंगल की कामना करती हैं।
- भाई अपनी बहनों की रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं।
यह पर्व पारिवारिक प्रेम और सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाने वाला उत्सव माना जाता है।
FAQ
दीपावली 2026 कब है?
दीपावली 08 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है?
मुख्य पूजन समय शाम 05:32 बजे से रात्रि 08:10 बजे तक रहेगा।
प्रदोष काल में पूजा क्यों की जाती है?
धार्मिक परंपराओं में प्रदोष काल देवी-देवताओं की उपासना के लिए शुभ माना गया है।
स्थिर लग्न क्या होता है?
ऐसा लग्न जिसकी प्रकृति स्थायित्व से जुड़ी मानी जाती है। दीपावली पर वृषभ और सिंह लग्न को विशेष महत्व दिया जाता है।
दीपावली पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
धनतेरस एवं दीपावली पर सोना, चांदी, धातु के बर्तन, धार्मिक सामग्री और उपयोगी वस्तुएं खरीदना परंपरानुसार शुभ माना जाता है।
दीपावली के बाद कौन-सा पर्व आता है?
दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट मनाया जाता है।
दीपावली 2026 पर विशेष संदेश
दीपावली केवल धन और वैभव प्राप्ति का पर्व नहीं है। यह जीवन में प्रकाश, सकारात्मकता, सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देने वाला महापर्व है।
इस पावन अवसर पर अपने घर को स्वच्छ रखें, दीप प्रज्वलित करें, जरूरतमंदों की सहायता करें और पूरे परिवार के साथ श्रद्धापूर्वक मां महालक्ष्मी एवं भगवान श्रीगणेश का पूजन करें।
मां महालक्ष्मी आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्य और वैभव प्रदान करें तथा भगवान श्रीगणेश आपके सभी विघ्नों का नाश करें।
आप सभी को दीपावली एवं पंचपर्वों की हार्दिक शुभकामनाएं।
विशेष लक्ष्मी पूजन एवं धन-समृद्धि अनुष्ठान
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ज्योतिष दैवज्ञ आचार्य पंकज शास्त्री
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