अपरा एकादशी 2026 हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे करने से पापों का नाश, नकारात्मक कर्मों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है। लोग Google पर “Apara Ekadashi 2026 date”, “apara ekadashi vrat kab hai”, और “ekadashi ke fayde” जैसे keywords सर्च करते हैं।
इस ब्लॉग में आपको अपरा एकादशी 2026 की सही तिथि, समय, व्रत विधि और उपाय पूरी जानकारी के साथ मिलेंगे।
अपरा एकादशी 2026 तिथि और समय
पंचांग के अनुसार:
- तिथि प्रारंभ: 13 मई 2026 (रात)
- तिथि समाप्त: 14 मई 2026 (रात)
व्रत रखने की तिथि:
14 मई 2026 (गुरुवार)
पारण (व्रत खोलने का समय):
15 मई 2026 सुबह
अपरा एकादशी का महत्व
- भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है
- पापों का नाश होता है
- नकारात्मक कर्म समाप्त होते हैं
- जीवन में सुख-समृद्धि आती है
अपरा एकादशी व्रत विधि
व्रत करने का सही तरीका:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
- भगवान विष्णु की पूजा करें
- व्रत का संकल्प लें
- दिनभर फलाहार या निर्जल व्रत रखें
- शाम को आरती करें
नकारात्मक कर्मों को कैसे मिटाएं
इस दिन ये उपाय जरूर करें:
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप
- तुलसी के पास दीपक जलाएं
- गरीबों को भोजन दान करें
- सच्चे मन से प्रार्थना करें
अपरा एकादशी के विशेष उपाय
- पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
- विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
- पीले वस्त्र पहनें
- दान करें (चावल, वस्त्र)
व्रत में क्या न करें
- झूठ न बोलें
- क्रोध न करें
- मांसाहार से दूर रहें
- किसी का अपमान न करें
FAQs – अपरा एकादशी 2026
Q1. अपरा एकादशी 2026 कब है?
14 मई 2026 को।
Q2. पारण कब करें?
15 मई सुबह।
Q3. इस व्रत का क्या लाभ है?
पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति।
Q4. क्या फलाहार कर सकते हैं?
हां, कर सकते हैं।
Q5. कौन सा मंत्र जपें?
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
Conclusion
अपरा एकादशी 2026 एक ऐसा पवित्र दिन है जो आपके जीवन से नकारात्मक कर्मों को समाप्त कर सकता है। सही विधि और श्रद्धा से व्रत करने पर भगवान विष्णु की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।

