गृह शांति पूजा क्या है?
गृह शांति पूजा वह विशेष पूजा है जो घर में सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा, सौभाग्य और समृद्धि बनाए रखने के लिए की जाती है।
जब कोई नया घर बनाया जाता है, घर में किसी तरह की नकारात्मकता महसूस होती है, ग्रहों का दोष होता है, या परिवार में बार-बार समस्याएँ आ रही होती हैं—
तो गृह शांति पूजा एक बेहद प्रभावी और शुभ उपाय माना जाता है।
यह पूजा वातावरण को पवित्र करने के साथ-साथ परिवार के मन, स्वास्थ्य, और आर्थिक स्थिति पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है।
गृह शांति पूजा क्यों की जाती है? (महत्व)
गृह शांति पूजा के कई आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक फायदे हैं:
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घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश
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ग्रह दोष और वास्तु दोष की शांति
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परिवार के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ना
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तनाव, झगड़े, बीमारियाँ और बाधाएँ कम होना
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धन, लाभ और समृद्धि का वास
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घर में देवी-देवताओं की कृपा बनना
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नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं का नाश
यह पूजा नया घर बनवाने के बाद, घर में प्रवेश (गृह प्रवेश) से पहले, जन्मदिन, विवाह या किसी शुभ कार्य के समय भी की जाती है।
गृह शांति पूजा कब करनी चाहिए?
गृह शांति पूजा के लिए शुभ अवसर:
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नए घर में प्रवेश से पहले
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ग्रह दोष शांति के लिए
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बार-बार घर में तनाव या बीमारी हो तो
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घर में नकारात्मकता महसूस हो
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कई बार आर्थिक नुकसान हो रहा हो
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बच्चे की पढ़ाई या स्वास्थ्य में बाधा हो
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शादी से पहले या शादी के बाद
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किसी बड़े शुभ काम की शुरुआत से पहले
ध्यान रखें— यह पूजा किसी भी शुभ दिन की जा सकती है, लेकिन सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार विशेष रूप से उत्तम माने जाते हैं।
गृह शांति पूजा सामग्री सूची
गृह शांति पूजा के लिए ये सामान्य सामग्री रख लें:
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गंगाजल
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कलश और नारियल
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दीपक और घी
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धूप, अगरबत्ती और कपूर
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फूल, माला और पुष्प
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रोली, चावल (अक्षत)
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हल्दी, कुमकुम
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पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी)
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नैवेद्य (मिठाई या फल)
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लाल/पीला वस्त्र
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हवन सामग्री
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आटे या गोबर की पाँच या सात छोटी दीपकियाँ
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शंख और घंटी
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पूजा थाली
गृह शांति पूजा कैसे करें? (पूजा विधि)
यह एक सरल विधि है जिसे पंडित जी या परिवार मिलकर कर सकता है।
स्टेप 1 – घर की सफाई
पूजा से पहले पूरे घर की अच्छे से सफाई करें।
नमक मिले पानी से पोंछा लगाने से ऊर्जा और भी शुद्ध होती है।
स्टेप 2 – पूजा स्थल तैयार करें
घर के मंदिर या हॉल में एक साफ चटाई बिछाकर पूजा का स्थान बनाएँ।
पीले या लाल कपड़े पर कलश स्थापित करें।
स्टेप 3 – कलश स्थापना
कलश में गंगाजल भरें, आम के पत्ते लगाएँ, ऊपर नारियल रखें और स्वस्तिक बनाएं।
यह शुभता और समृद्धि का प्रतीक है।
स्टेप 4 – दीपक और धूप जलाएँ
दीपक जलाकर भगवान गणेश का आह्वान करें ताकि पूजा बिना बाधा पूरी हो।
स्टेप 5 – गणेश वंदना
“ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जप करें।
गणेश पूजा से सभी विघ्न दूर होते हैं।
स्टेप 6 – गृह शांति मंत्र और संकल्प
गंगाजल छिड़ककर पूरे घर की शुद्धि करें।
संकल्प लें कि यह पूजा परिवार की शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए है।
स्टेप 7 – हवन (अगर संभव हो)
हवन शुद्धता का सबसे शक्तिशाली तरीका है।
देसी घी और हवन सामग्री से 11, 21 या 51 आहुति दें।
स्टेप 8 – प्रसाद और आरती
पूजा के बाद परिवार संग आरती करें और प्रसाद बांटें।
इससे पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।
गृह शांति पूजा के लाभ
गृह शांति पूजा करने पर आप इन लाभों का अनुभव कर सकते हैं:
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घर में वातावरण शांत और सुखद बन जाता है
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आर्थिक स्थिति सुधरने लगती है
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ग्रहों के दोष शांत होते हैं
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वास्तुदोष का प्रभाव कम होता है
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परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है
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बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य में सुधार
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मानसिक शांति और प्रसन्नता
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नकारात्मक ऊर्जा समाप्त
गृह शांति पूजा के लिए खास टिप्स
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हमेशा मन साफ, प्रेम और विश्वास के साथ पूजा करें
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किसी भी पूजा में क्रोध या नकारात्मक विचार न लाएँ
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पूजा के दिन शराब, मांसाहार, अशुद्ध कामों से दूर रहें
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पूजा के बाद घर में धार्मिक संगीत चलाएँ
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